National Youth Parliament-2019

नीय मुकन्द लाल नैशनल कॉलेज, यमुनानगर में खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार व नेहरू युवा केन्द्र के संयुक्त तत्वाधन में नैशनल यूथ पार्लियामेन्ट-2019 के अर्न्तगत वृहद डिस्टिक यूथ पार्लियामेन्ट पफेस्टिवल के अन्तर्गत युवाओं के विचार सांझा करने हेतू जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विविध् महाविद्यालयों व संस्थाओं की 22 टीमों ने सहभागिता की व 43 से अध्कि विद्यार्थियों ने अपने विचार सांझा किए। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ0 अरूण गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, पार्षद प्रीति जौहर, श्री विनोद मरवाह, श्रीमति दिपिका गुप्ता, व कॉलेज प्राचार्य डॉ0 शैलेश कपूर ने माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करते हुए किया। उल्लेखनीय है कि माननीय प्रधनमंत्राी श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में नव निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया था। जिस कारण खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत  सरकार ने नव भारत के निर्माण में युवाओं की विचारधरा व उनके योगदान को दृष्टिगत करते हुए यूथ पार्लियामेन्ट पफेस्टिवल का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य युवाओं के इस चिंतन को जागृत करना था कि विश्व मानचित्रा पर वह भारत को किस रूप में देखते हैं या देखना चाहते हैं और किस प्रकार का योगदान देते हुए नव उदाहरण विश्व के सामने रखना चाहते हैं। इस सन्दर्भ में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में काजल ने प्रथम राघव ने द्वितीय एवं इसू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जिसमें निर्णायक मण्डल की भूमिका बाल कवि डॉ0 बी0 मदन मोहन, पार्षद प्रीति जौहर, श्री विनोद मरवाह, बॉलीवुडस्टार श्री राजेन्द्र शर्मा ;नानूद्ध व कैप्टन श्रीप्रकाश प्रवक्ता राजनीति शास्त्रा ने निर्वहन की। मुख्य अतिथि डॉ0 अरूण गुप्ता ने जिले के विविध् संस्थानों से आये युवाओं का उत्साहवधर््न करते हुए कहा कि-‘‘राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की महती भूमिका है। मुकन्द लाल वो संस्थान है जो पत्थर को पारस बनाने की क्षमता रखता है। बस जरूरी है आप अपने अन्दर के पराक्रम को बाहर निकालो। युवाओं के अन्दर का जोश व उत्साह ही उन्हें सपफलता के चरम सोपान पर पहुंचाने में समर्थ होता है।’’ अंत में कॉलेज प्राचार्य डॉ0 शैलेश कपूर ने कहा कि समाज-राज्य और राष्ट्र के निर्माण में युवा शक्ति का ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। संघर्ष ही सपफलता का आधर है। अतः डरे-घबराए अपने कर्मपथ पर चलते रहना चाहिए और तब तक प्रयत्न करना चाहिए जब तक सपफलता न मिल जाये।